Friday, August 12, 2011

मौलिक रचनाओं का स्वागत

'अविरल मंथन' में आपकी मौलिक रचनाओं का स्वागत है। लघु कलेवर की गद्य रचनाओं एवं छांदस कविताओं को प्राथमिकता दी जायेगी। विधा विशेष में सृजित रचनाओं में शिल्प का अनुशासन होना चाहिए। मुक्तछंद रचनाओं में लय उपस्थिति अनिवार्य है। उद्धरण संदर्भित होने चाहिए। रचनाकारों का पूरा पता भी अनिवार्य है। रचना-प्रकाशन पर कोई पारिश्रमिक देय नहीं होगा। अपनी रचनाएँ Arial Unicode font में rajendrapverma@gmail.com पर भेजें.

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